Bhookhi bhikharan
Khoj rhi hai
Kuch b mil jaye
Bhukh bdi hoti
Woh pet ki ho ya
Jism ki
20130912
जीवन है क्या...
जीवन
है क्या
बंद मुट्ठी
या खुला हाथ
यह रहस्य है
या है एक खुली किताब
जीवन
है सागर की लहर में
है सूरज की किरण में
लिखा है पत्ते पत्ते पर
संगीत जीवन का
समाया है जीवन हर एक आयाम में
अपने में पूर्ण
सम्पूर्ण
जीवन
रुकता नहीं
ना ही डरता है
खुद को छुपाते हो तुम
उसके सामने
शायद डरते हो जीने से
क्यूंकि
जरुरत होती है मृत्यु की
जीने की खातिर
हर पल अतीत मरता है
वर्तमान साँसे लेता है
और भविष्य
आकार लेता है
वर्तमान से
जीवन की खातिर
तैयार है जीवन
बस
तुम नही हो।
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