कुछ बातें
बातों से जुड़ी हुई
कुछ यादें
बहुत दिन हुए
पर
आज भी
किसी कोने में स्मृति के
सांसें लेती हैं
एक घटना घटी थी
बड़ी गहरी थी
वो सियाह रात
लगता था यूँ
जैसे कोई कुरेद रहा हो
नाखूनों से बीते हुए सारे दिन
सारे रिश्तों को
ना जाने कितने दिनों तलक
चुभते रहे नाख़ून
पीड़ा देते रहे
और
आज भी......