20191204

राधा

श्याम से दूर हो फिर भी है प्रेम राधा को
निर्मोही कृष्ण भले बजाना छोड़ दे बाँसुरी को
विगत में बीते रात्रि दिवस अंकित है पटल पर मन के
बीत रहे क्षण पल संग उनके ही राधा के

20190418

लड़की

तलाशती है एक नई धुन
साज़ पर ज़िन्दगी की
कभी तूलिका उठा के आकार देती है
बिखरे रंगों को जीवन के
और कभी रचती है शब्दों से
इंद्रधनुषी स्वप्न
खुद को मामूली समझने वाली लड़की

उसका स्वप्न

सारे दोस्त उसके, सखियाँ उसकी
सदा ही कहते उसे
Wow, great, awesome
What a creative work you done
और भी तमाम बातें
उसका बस एक ही स्वप्न
बस एक ही ख्वाहिश, एक ही लालसा
आये एक दिन ऐसा जब
उसके पिता उसकी पीठ थपथपा के
उसके बालों में प्यार से उँगली फिरा के
कह दे बस इतना
You are really awesome
I am proud of you बिटिया

उधार

उधार की रोशनी कितने दिन की
ब्याज देने और किस्तें चुकाने में
और बीतते हर लम्हे बढ़ता गया उधार
सांसों के चूहे कुतरते रहे उम्र
पता ही न लगा
न जाने कितने उजाले भेंट चढ़ गए
पर न हो सका चुकता
अब भी कुछ है बाकी
उसकी चन्द साँसे हैं शेष

यात्रा

शून्य में विचरता है वो
किसी की पलकों से निकल जाता
अश्रु बूंद बन कर
किसी ने आह कर के निकाल दिया
कभी निकला बन के मोती स्वेद का
और कभी.....
सफर में है
अंतहीन यात्रा है सपने की