20140228

Yoon udaas nhi hote

Yoon udaas nahi hote
Mann ko aise nhi khote
Kahe ko soche hai
Kal kya hoga

Kal ki fikar mein
Apne aaj ki khushiyan nahi bhigote
Milna bichharna reet hai
Tu hi bta
Kya door hone se ghat jaati preet hai
Kya hua jo door hogi
Apney rishtey ki yeh dori kya itne se hi kamjor hogi

Arey pgli
Tum sab to ho meri aankhen aur saansen
Apni hi sur mein chalegi
Jhumegi
Tere mann mein hoga yeh buddhu bhaiya
Mere mann mein tum sabki hi preet hogi
Kya hua jo nhi janmey ham ekk maa ki kokh se

Dil se judey hain apney rishtey
Yeh na kabhi kamjor honge

दो पत्थर

इक था मूर्तिकार
मूर्तियाँ बनाता था

इक दफा उसने एक सपना देखा

सपने में
वो इक पेड़ क नीचे बैठा था
वहीँ पेड़ क नीचे
दो पत्थर थे

उसने इक को सामने रखा
और
थैले से छेनी हथोड़ी निकाली

जैसे ही उसने पत्थर पर पहली चोट की

पत्थर चीख पड़ा
मुझे मत मारो
और रोने लगा

मूर्तिकार ने कुछ सोचा
और
उसने पहले पत्थर को छोड़
दुसरे पत्थर को सामने रखा

और उस पर छेनी हथौडी चलानी शुरू कर दी।
दुसरे पत्थर ने छेनी हथोड़ी की चोटें बर्दास्त की

नतीजा

थोड़े ही वक़्त में वो एक मूर्ति में बदल गया

देवी माँ की मूर्ति में

मूर्तिकार चला गया

अपने राह को

वक़्त बीता

एक दिन

वो मूर्तिकार उसी राह से गुजरा

उसने देखा

मूर्ति की पूजा हो रही है

लोग line लगा के उसके दर्शन कर रहे हैं

भजन हो रहे हैं

तरह तरह के फूल मालायें मूर्ति को चढ़ा रहे हैं लोग
उसने अपनी नजर दौड़ाई

थोड़ी दूर पर उसे पहला पत्थर दिखा

जो उसकी हथौड़ी की चोट पर रो पडा था

एक ओर पड़ा था

लोग उस के सिर पर नारियल फोड़ कर
देवी माँ के चरणों में चढ़ा रहे हैं

20140227

Ekk kahani

Ekk kahaani
Hai to bahut purani
Jab tha main chhota
Tab suni thi nani ki jubani
Aaj
Wohi kahani
Main kehta hoon
Suno dhaayan se
Bitia rani

Ekk dafa lord shiva ne dharti par ho rhi dusht ta aur paap ko dekhte huye
Tay kia,
Jb tk yeh log nhi sudhrenge,main apna shankh nhi bjaunga,
Natija
Shankh nhi bja
Barsaat ruk gyi
Ekk bund paani nhi brsa
Saari dharti par akaal pad gya

Shiv duniya ko dekhne ki khaatir nikaley
Unhone ekk ajeeb sa drishya dekha

Ek kisaan
Jalti dophar main
Kar raha khet ki jutaayi
Sarabor pasiney se
Par
Apni hi dhun mein magan
Jamii thi sakht patthar si
Aur woh
Apne ji jaan se juta tha
Apney kaam mein

Shiv utarey
Puchha us kisaan se
O re baawarey,
Kyun kar raha bekar ki mehnat
Kahe ko utha rha hai tu itni jehmat
Sukhi hai dharti
Bahata hau tu pasina
Namumkin hai
Bin barish k kheti ka hona

Kisaan ne sir upar kar
Dekha shiv ko ekk nazar

Hal chalate huye hi
Usne shiv ko dia uttar

Sach hai,aap ki baat
Bin barish kheti ki nahi aas
Par dar lgta hai
Bhool na jaun main
Hal chalane ka hunar
Bas isi liye jot ta hoon
Main apne khet usar

Shiv ke mann ko cheer gye
Kisaan k bole yeh vachan
Lage sochne
Baras beete shankh bajaye
Kya maloom
Yaad hai mujhko
Shankh bajane ka hunar

Dala haath jholi mein
Aur nikaala apna shankh
Funka jor se
Umad padi ghatayen
Megh kaale chha gye
Sun naad shiv shankh ka
Varun dev
Dharti par baaris le kar aa gye

20140217

फिर इक बार

फिर इक बार
सुलग उठी
बुझी राख
फिर पुकारने लगी
वो राहें
बड़ी मुश्किल से
भुलाया था जिसको
बड़ी कोशिशों से
सुलाया था जिसको
फिर से बुलाने लगी हैं
जाग उठी हैं
असमंजस में हूँ
क्या करू
कल रात से

20140215

वो

वो
सिर झुकाए
सुनती रही सब
कोई गलती तो न थी
फिर भी
सुनती रही
क्युकि
वो बेटा न थी
बेटी थी

20140214

Bahut mushkil hai

Bahut mushkil hai
Saadey panney par mann mein umdtey bhavon ko ukerna
Ekk dariya
Jo behta hai bheetar mann k
Bahut mushkil hai
Uss dariya k bahaav ko
Utaar chadaav ko shabdon mein pirona
Woh jazbaat
Jo umadtey hain
Phir antar mein hi so jate hain
Kabhi kabhaar karwaten lete hain
Bahut mushkil hai
Unko jas ka tas ubhaarna kaagaz par

Kai baar
Anekon dafa
Koshishen kartey hain
Magar
Kho jaate hain shabd hi kosh se
Saari paribhashayen
Bemayne si lgti hain

Bahut mushkil hai
Bahut mushkil

कहानी

चाहता था इक कहानी लिखना
इक बेहतरीन कहानी
जिसमे संवेदना हो
सोच रहा था
पर
कुछ भी सूझ नही रहा था
कोई इक घटना
खोया था सोच में
रात के 10 बज गये
पर
कोई सिरा नही मिला

छोटी आयी
भैया,मेरा फैन नही चल रहा

अच्छा,सुबह देख लूँगा

वो चली गयी
डायरी बंद कर बेड पर लेट गया

भैया,फैन देख लो ना प्लीज

कल देखूंगा
छोटी चली गयी
सोचता रहा
नींद आ गयी

मच्छर के काटने से नींद टूटी
लाइट गुल थी
बाहर आया

चलो,छोटी का पंखा देख लूँ
उसके रूम में आते ही लाइट आ गयी

छोटी सोयी थी
उसके गाल पर दो तीन दाने थे
मच्छर काटने से

धीरे से बेड पर कुर्सी रख पंखे को देखा
इक तार टूट गया था
जोड़ दिया
फैन चलने लगा

आंख खुली
छोटी चाय लिए खड़ी है

भैया,आपने फैन कब ठीक कर दिया?

उसके चेहरे पर मच्छर काटने के निशान अब भी हैं

मृत्युदंड

एक थे अधिकारी
बहूत बड़े पोस्ट पर थे
अब जब बड़े पोस्ट पर थे तो जाहिर है सामाजिक भी होंगे ही
तो अकसर बड़ी बड़ी सभाओं से बुलावे भी आते थे
थे भी बहुत सज्जन पुरुष
सज्जन थे तब ही तो बड़े पोस्ट पर आसीन थे
एक बार किसी सभा में मृत्युदंड हटाने के उनके वक्तव्य पर सभी मंत्रमुग्ध थे
समाचारपत्रों ने भी उनकी भूरि भूरि प्रशंसा की

कुछ वक्त के बाद
उन्हें मानवाधिकार समिति ने उन्हें प्रस्सतिपत्र दिया
उस शाम पत्नी को उन्होंने सारी बात बताई
प्रस्स्तिपत्र भी दिखाया
उसे देख उनकी पत्नी रो दी
कल शाम ही तो भ्रूण परीक्षा क बाद डॉक्टर से कह के गर्भ पात कराया था उन्होंने
वो बिटिया जो उनकी पत्नी के पेट में पल रही थी
मृत्यु दंड का आदेश दिया था
एक नन्ही कली को
जो उनकी बगिया को महकाने आ रही थी।

प्रेम

प्रेम दिवस पर सोचा
कुछ लिखूं
फिर जेहन पर जोर दे सोचा
आखिर ये शब्द "प्रेम" है क्या?
माँ की ममता
प्रेम ही तो है
उसकी झिडकियां
उसकी डांट
प्रेम का ही तो रूप है

बाबु जी का गुस्सा होना
जब मैं देर से लौटता था घर
प्रेम ही तो था

छुटकी राखी के दिन जब बोलती
भैया मेरी उमर भी तुम्हें मिल जाये
और
बड़की राखी बांधते
हाथों को थाम
जीवन भर का साथ मांगती
और मै
सोचता
क्या पता
कब
शाम हो जाये

20140213

Raina beeti jaaye

har shaam beeti yaaden aaye
sang apney jo
beete lamhey laaye
unki khushboo se mann mera
mehka mehka jaaye
naina barsen rimjhim rimjim
aur
raina beeti jaaye.....